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सà¥à¤¬à¤¹ धूप लें
जब हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ सूरज की किरणों के संपरà¥à¤• में आती है तो शरीर विटामिन डी बनाता है, लेकिन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में धूप के हलà¥à¤•े होने और ठंड से बचने के कारण लोग ऊनी कपड़े पहनना कहींजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद करते हैं। इस कारण उनका शरीर विटामिन डी को ठीक से नहीं बना पाता है। थोड़ी देर ही सही, धूप में बैठने से जोड़ों के दरà¥à¤¦ से काफी राहत मिलती है। याद रखें, सूरà¥à¤¯ की किरणों से मिलने वाला विटामिन डी कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ होता है, जिसका कोई अनà¥à¤¯ बेहतर विकलà¥à¤ª नहीं है।
मालिश से राहत मिलेगी
बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° के साथ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ठंड से अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने लगती हैं, इसलिठà¤à¤¸à¥‡ लोगों को समय-समय पर गरà¥à¤® तेल से मालिश करवाना चाहिà¤à¥¤ मालिश से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ मिलती है, जिससे नसों की सिकà¥à¥œà¤¨ कम हो जाती है और दरà¥à¤¦ से राहत मिलने लगती है।
योगासन और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
योगासन व वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ मिलती है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लचीली à¤à¥€ रहती हैं, जिससे पैरों में अकड़न की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ नहीं होती है। जो लोग सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में धूप नहीं सेंकते हैं या कम शारीरिक गतिविधियां करते हैं, उनमें समसà¥à¤¯à¤¾ और अधिक बॠजाती है।
सà¥à¤¬à¤¹ की सैर है फायदेमंद
वैसे तो सà¥à¤¬à¤¹ की सैर हर मौसम में सेहत के लिठफायदेमंद है, लेकिन सरà¥à¤¦à¥€ के दिनों में यह कà¥à¤› खास फायदा देती है। सैर न केवल आपके शरीर को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ देती है, बलà¥à¤•ि यह इस मौसम से संबंधित सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ बचाठरखने में सहायक है। टहलने से न केवल शारीरिक, बलà¥à¤•ि मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बॠजाती है और साथ ही तनाव दूर होता है। बà¥à¤¤à¥€ ठंड के दिनों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम तीन किलोमीटर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सैर करना आवशà¥à¤¯à¤• है। इसके अलावा वजन उठाने वाली कसरत करना, चलना, दौड़ना, सीà¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चà¥à¤¨à¤¾, ये वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हर उमà¥à¤° में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हैं। इसके अलावा डांस à¤à¥€ à¤à¤• बेहतरीन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व विटामिन
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से बनी होती हैं, लेकिन हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठसिरà¥à¤« कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन ही काफी नहीं है, बलà¥à¤•ि विटामिन डी का सेवन à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है। विटामिन डी की कमी से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अकड़न आने लगती है और मांसपेशियों में कमजोरी हो जाती है। ठंड में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इतनी कमजोर पड़ सकती हैं कि आपको चलने-फिरने में à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यदि इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचना है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाठरखना है तो विटामिन डी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤°à¥à¤¥à¥‹à¤‚ का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करें। मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ à¤à¥€ कà¥à¤› हद तक फायदेमंद हैं, पर इनका सेवन डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ से करें।
ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी
सरà¥à¤¦à¥€ के दौरान रकà¥à¤¤ धमनियां संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो जाती हैं, जिससे खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ सामानà¥à¤¯ ढंग से नहीं हो पाता। शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों तक खून, पानी व ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ सही मातà¥à¤°à¤¾ में नहीं पहà¥à¤‚च पाते हैं। ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होने पर शरीर की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में तनाव पैदा हो जाता है, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होने लगता है। ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी को दूर करने के लिठखà¥à¤²à¥‡ और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण रहित माहौल में टहलें।
गरà¥à¤® पानी से नहाà¤à¤‚
जोड़ों के दरà¥à¤¦ से परेशान रहने वाले लोगों के लिठगरà¥à¤® पानी से नहाने या गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में पैरों को कà¥à¤› देर डालकर रखने से जोड़ों के दरà¥à¤¦ में राहत मिलती है।
बैठने की आदतें
जो लोग कंपà¥à¤¯à¥‚टर पर काम करने के लिठलंबे समय तक बैठे रहते हैं, उनके जोड़ों में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है।
à¤à¤• ही जगह पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक बैठने से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ठंड लगने के कारण अकड़न आ जाती है, जिससे जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठथोड़ी-थोड़ी देर पर उठकर शरीर को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें।
लंबे समय तक à¤à¤• ही पोसà¥à¤šà¤° में न बैठें। कंधों और गरà¥à¤¦à¤¨ को à¤à¥à¤•ा कर न बैठें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में खानपान का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना पड़ता है। इसलिठहडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने के लिठनियमों का पालन करना चाहिठताकि शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मिनरलà¥à¤¸ व अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ मिलते रहें, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और जोड़ों में होने वाले दरà¥à¤¦ और अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिल सके।
आप दूध, दही, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, तिल के बीज, अंजीर, सोयाबीन और बादाम का दूध जैसे पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के रूप में शामिल कर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
विटामिन डी का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ सूरज की किरणें हैं। डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और कई अनाज, सोया दूध और बादाम के दूध में विटामिन डी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
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